Ai In Mass Communication : मास कम्युनिकेशन कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल का प्रयोग

By A.K. Pandey

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Ai In Mass Communication

Ai In Mass Communication : डिजिटल मार्केटिंग और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में आज एक नई क्रांति देखने को मिल रही है। बहुत से युवा, जो पारंपरिक अर्थों में अनस्किल्ड माने जाते थे, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक टूल्स का शानदार उपयोग करके तेजी से बेहतरीन कंटेंट तैयार कर रहे हैं। मैंने खुद दर्जनों ऐसे युवा क्रिएटर्स के साथ काम किया है, जो पत्रकारिता या मास कम्युनिकेशन से भिन्न विषयों से स्नातक/स्नातकोत्तर हैं, लेकिन डिजिटल दुनिया की गहरी समझ रखते हैं। वे बेहतरीन वेबसाइट्स बना रहे हैं, नियमित लिख रहे हैं और गुणवत्ता में मुख्यधारा के मीडिया को भी पीछे छोड़ रहे हैं।

पारंपरिक पत्रकारिता कोर्स और डिजिटल बदलाव

यह नवाचार पिछले पाँच वर्षों में देश के युवाओं द्वारा सोशल मीडिया और वेब प्लेटफॉर्म्स पर शुरू किया गया है। इनमें से अधिकांश का पत्रकारिता या मास कम्युनिकेशन से कोई औपचारिक संबंध नहीं रहा। वास्तव में, ये कोर्स स्वयं को समय के अनुरूप अपडेट करने में काफी पीछे रह गए हैं। देर आए, दुरुस्त आए।

युवाओं के रोजगार और स्किल डेवलपमेंट की आवश्यकता

युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, जैसा कि अखबार की कटिंग में बॉक्स में उल्लेखित है। आपके यहां आने वाले छात्र स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद बेहतर कौशल सीखकर अच्छा रोजगार पाने की उम्मीद लेकर आते हैं।

क्या मास कम्युनिकेशन कोर्स AI युग के अनुरूप हैं?

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या आज के मास कम्युनिकेशन और पत्रकारिता के कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उसके व्यावहारिक उपयोग से संबंधित हैं? क्या इस विश्वविद्यालय के कोर्स अब तक खुद को अपडेट कर पाए हैं?

सोशल मीडिया और न्यूज़ कंटेंट का बदलता स्वरूप

सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ कंटेंट और समाचार तेजी से प्रसारित हो रहे हैं तथा उनकी लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। ऐसे में जो स्किल्ड युवा इन कोर्सों को पूरा करके निकल रहे हैं, क्या उनके अंदर इस तरह की डिजिटल योग्यता और क्रिएटिव क्षमता है?

डिजिटल माध्यमों में नई संभावनाएं

आज किसी भी क्षेत्र में स्नातक या परास्नातक व्यक्ति अपनी बात डिजिटल माध्यमों से प्रभावशाली ढंग से कह सकने में सक्षम हो रहा है। इस दिशा में कुछ सर्टिफिकेट कोर्स भी उपलब्ध हैं जो अन्य विषयों के ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को सोशल मीडिया लिटरेसी, कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और ऑनलाइन कम्युनिकेशन की जानकारी देते हैं। ये कोर्स उन्हें सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने और प्रभावी संवाद करने में मदद करते हैं।

विश्वविद्यालयों को कोर्स अपडेट करने की आवश्यकता

आज के दौर में जितने भी स्किल्ड एजुकेशन कोर्स विश्वविद्यालय स्तर पर चल रहे हैं, उन्हें नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल युग में खुद को सुधारना होगा। उच्च स्तर के स्किल विकसित करने, स्किल्ड फैकल्टी तैयार करने और कोर्स को पूरी तरह अपडेट करने की जरूरत है।

नई पीढ़ी और उन्नत कौशल की चुनौती

आजकल कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं से ही कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान लेकर बच्चे आते हैं। इसलिए उन्हें उन्नत, व्यावहारिक और अप-टू-डेट स्किल्स सिखाना इन कोर्सेस की बड़ी जिम्मेदारी है। कैंपस प्लेसमेंट भी जबरदस्त होना चाहिए। कम्युनिकेशन और पत्रकारिता क्रिएटिव क्षेत्र हैं, इसलिए यहां बेहतरीन क्रिएशन की नवीनतम जानकारी देना एक बड़ी चुनौती है।

बेहतर फैकल्टी और स्किल डेवलपमेंट का महत्व

गेस्ट लेक्चर और क्रिएटर वर्कशॉप की भूमिका

बेहतरीन फैकल्टी, गेस्ट लेक्चरर्स, क्रिएटर्स वर्कशॉप और निरंतर स्किल डेवलपमेंट से ही मास कम्युनिकेशन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है। आज कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अनस्किल्ड दिखने वाले युवा भी बेहतर काम कर रहे हैं, क्योंकि उनके पास एक-दूसरे से सीखने की अद्भुत क्षमता है और वे क्षेत्र के प्रोफेशनल्स से सीधे जुड़ पाते हैं।

आधुनिक सुविधाओं के साथ दक्ष फैकल्टी की जरूरत

उम्मीद है कि प्रोफेशनल स्टडीज विभाग में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, लेकिन उन्हें सही ढंग से उपयोग करने के लिए दक्ष, अनुभवी और लगातार अपडेट रहने वाली फैकल्टी का होना भी उतना ही जरूरी है। ताकि छात्रों को गहराई वाली शिक्षा मिले और उनके कौशल को नवाचार के साथ निखारा जा सके।

बदलते समय के साथ शिक्षा में बदलाव जरूरी

समय बहुत तेजी से बदल रहा है। 2004 में टीवी मीडिया के ग्लैमर के साथ फोटो जर्नलिज्म और विजुअल कम्युनिकेशन जैसे कोर्स शुरू हुए थे। आज उससे कहीं ज्यादा तेज बदलाव आ चुका है। अब पुरानी सोच और पुरानी किताबों से काम नहीं चलेगा। प्रोफेसरों और संस्थानों को खुद को लगातार अपडेट रखना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ी को सही दिशा और सही स्किल्स मिल सकें।

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A.K. Pandey

A. K. Pandey एक प्रोफेशनल लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो शिक्षा, टेक्नोलॉजी और ट्रेंडिंग विषयों पर सरल, उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं।लेखक इंटरनेशनल और नेशनल समाचार और संपादकीय लेखन से जुड़े रहे हैं। विभिन्न तरह के लेखन और संपादकीय का 10 साल से अधिक अनुभव है।

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