सीबीएसई का नया नियम: जुलाई 2026 से कक्षा 9 में शुरू होगी तीसरी भाषा की पढ़ाई

By A.K. Pandey

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सीबीएसई का नया नियम: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत तीन भाषा फॉर्मूला को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कक्षा 6 से तीन भाषाओं की पढ़ाई इसी सत्र से लागू हो चुकी है। अब नई जानकारी के अनुसार जुलाई 2026 से कक्षा 9 में भी तीसरी भाषा की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। update

CBSE ने जारी किए तीन भाषा नीति के दिशा-निर्देश, कक्षा X के छात्रों को मिली छूट

नई दिल्ली, 29 जून 2026 — केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तीन भाषा नीति के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए संक्रमणकालीन छूट भी प्रदान की है।

मुख्य बातें:

कक्षा X (2026-27) के वर्तमान छात्रों पर नई नीति लागू नहीं होगी। वे पुरानी व्यवस्था (केवल दो भाषाएं) ही जारी रखेंगे और उन्हें तीसरी भाषा नहीं पढ़नी होगी।
कक्षा IX के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं (भारतीय भाषा) होनी चाहिए। तीसरी भाषा (R3) गैर-भारतीय भी हो सकती है।
जिन छात्रों ने पहले से दो विदेशी भाषाएं ली हैं, उन्हें विशेष एक बार की छूट देते हुए एक अतिरिक्त भारतीय भाषा जोड़नी होगी।
कक्षा VII और VIII के छात्रों के लिए भी समान छूट का प्रावधान है।
कक्षा VI से पूर्ण रूप से नई नीति लागू होगी और कक्षा X में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी।

मूल्यांकन व्यवस्था:

तीसरी भाषा (R3) का मूल्यांकन केवल स्कूल स्तर पर आंतरिक होगा। CBSE बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा शामिल नहीं होगी (कुछ बैचों के लिए)। NCERT द्वारा 22 भारतीय भाषाओं में कक्षा VI के लिए विशेष पुस्तकें जारी की जा रही हैं।
छूट के प्रावधान:
विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CwSN) — RPwD एक्ट के अनुसार छूट।
विदेश स्थित CBSE स्कूलों को पूर्ण छूट।
विदेश से लौटे छात्रों को भारतीय भाषा R3 से छूट।
CBSE ने स्पष्ट किया है कि कोई भी छात्र इस नीति के कारण प्रभावित नहीं होगा। फोकस रट्टा प्रणाली पर नहीं, बल्कि आनंदपूर्ण और अर्थपूर्ण भाषा सीखने पर है। स्कूलों को शिक्षकों की उपलब्धता के लिए लचीली व्यवस्था (साझा शिक्षण, वर्चुअल क्लास) करने की अनुमति दी गई है।
प्रोफेसर एवं निदेशक (शैक्षणिक) ने कहा कि ये दिशा-निर्देश NEP 2020 को लागू करने के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करेंगे।

तीन भाषा नीति क्या है?

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कक्षा 6 से 10 तक हर विद्यार्थी को कम से कम तीन भाषाएं पढ़नी अनिवार्य हैं। इसका उद्देश्य भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करना तथा विद्यार्थियों को बहुभाषी बनाना है।

विद्यार्थी अपनी पसंद के अनुसार भाषाएं चुन सकते हैं:

भाषा-1 (R1): मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा/हिंदी
भाषा-2 (R2): अंग्रेजी या कोई अन्य भारतीय भाषा
भाषा-3 (R3): कोई भारतीय भाषा (संस्कृत, उर्दू, बंगाली आदि) या विदेशी भाषा

मुख्य नियम: तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। अंग्रेजी को विदेशी भाषा की श्रेणी में रखा गया है।

उत्तर प्रदेश में तीसरी भाषा के विकल्प

उत्तर प्रदेश में ज्यादातर स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में संस्कृत को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि विद्यार्थियों को अपनी पसंद से निम्न विकल्प उपलब्ध होंगे:

  • संस्कृत
  • उर्दू
  • कोई अन्य क्षेत्रीय भाषा
  • विदेशी भाषा (जर्मन, फ्रेंच, जापानी आदि)

स्कूलों के लिए अलग-अलग भाषाओं के शिक्षक उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए अधिकांश स्कूल हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के संयोजन पर ही जोर देंगे।

मूल्यांकन व्यवस्था

तीसरी भाषा (R3) का बोर्ड परीक्षा में शामिल न किए जाने की संभावना है। इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा। यह विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की बात है।

मुख्य बातें

  • कक्षा 6 से 10 तक तीन भाषाएं अनिवार्य
  • कम से कम दो भारतीय भाषाएं जरूरी
  • कक्षा 9 में तीसरी भाषा की पढ़ाई

जुलाई 2026 से शुरू

R3 का मूल्यांकन आंतरिक होगा

ताजा अपडेट बता दे कि कक्षा 9 से शुरू हो रही तीसरी भाषा के लिए कक्षा 6 की स्तर का पाठ्यक्रम चलाया जाएगा। इसके अलावा चौथी भाषा के रूप में चाहे तो स्कूल अपनी बच्चों के लिए जर्मन फ्रैंच या कोई भाषा चला सकता है। विदेश में पढ़ने वाले सीबीएसई बच्चों के लिए विशेष सुविधा में r3 में छूट दी गई है।

एक्सपर्ट सलाह कक्षा 9वी के विद्यार्थियों के लिए

सीबीएसई बोर्ड में तीन भाषा के नियम लागू हो चुका है। हम यहां आपको एक्सपर्ट टीचर की सलाह देने जा रहे हैं कि यदि आप की हिंदी अच्छी है तो R1 में आप हिंदी रखें r2 में आप अंग्रेजी रखें और r3 में आपके लिए संस्कृत भाषा हो सकती है क्योंकि कई स्कूलों में कक्षा 6 से संस्कृत तो पढ़ाई भी जाती है और आपने अगर संस्कृत पढ़िए तो आज के लिए तीसरी भाषा के रूप में काम आ सकता है।

इसके अलावा तीसरी भाषा के रूप में आपको कोई रीजनल भाषा पसंद है तो वह भी रख सकते हैं। हिंदी के साथ संस्कृत तो पढ़ना बहुत आसान हो सकता है। दरअसल संस्कृत के अधिकांश शब्द हिंदी में भी प्रयोग होते हैं और इसके थोड़े से रूप और लाकर अलग होते हैं जिस कारण से संस्कृत की जानकारी आप आसानी से हासिल कर सकते हैं। इसकी देवनागरी लिपि हिंदी के देवनागरी लिपि जैसी ही होती है।

आपको बता दे की R1 भाषा का सिलेबस चाहे आप इसमें अंग्रेजी हिंदी या कोई भी रीजनल लैंग्वेज या फॉरेन लैंग्वेज चुनते हैं तो इसकी कठिनाई का लेवल R1 में सबसे अधिक होगा। इसी तरह R2 लैंग्वेज का कठिनाई का स्तर R1 के मुकाबले कम होगा और R3 लैंग्वेज का कठिनाई का स्टार R1 व R2 के मुकाबले बहुत कम होता है।

अंत में यह भी जरूरी है जानना

आपको बता दें कि शिक्षा नीति में हुए नए बदलाव के कारण तीन भाषा सीखना अनिवार्य कर दिया गया है। दरअसल भारत के बच्चों को बहुभाषी बनाने और यहां की विविधता और संस्कृति की जानकारी देने तथा अनेकता में एकता का पाठ पढ़ाने के लिए भाषा दक्षता ज्ञान होना जरूरी है। काफी अरसे से भाषा विवाद के चलते यह भाषाओं को लागू कर पाना कठिन हो जा रहा था। ऐसे में R1, R2, R3 तीन भाषा नियम लागू करके भारतीय संस्कृति और भारतीय विरासत को एकता के सूत्र में पिरोने का बढ़िया काम नई शिक्षा नीति के अंतर्गत किया गया है। इससे बच्चे भारतीय भाषाओं के बारे में जानेंगे और उनके जरिए संस्कृति, साहित्य, समृद्ध परंपरा को भी जानेंगे।

कक्षा 9 सीबीएसई बोर्ड संस्कृत पाठ पुस्तक 2026- 27 पीडीएफ डाउनलोड कीजिए।

संस्कृत की पाठ पुस्तक शारदा 2026 27 में कक्षा 9वी के विद्यार्थियों के लिए जुलाई माह पढ़ना शुरू किया जा रहा है। इस पुस्तक की पीडीएफ आप सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट से जाकर डाउनलोड कर सकते जिसका लिंक है हमने नीचे दिया हुआ है अधिक जानकारी के लिए अपने कमेंट करें।

https://ncert.nic.in/textbook.php?ihsh1=0-16

Also Read – स्कूल के सरकारी और प्राइवेट टीचर नहीं पढ़ा सकते हैं कोचिंग-ट्यूशन

A.K. Pandey

A. K. Pandey एक प्रोफेशनल लेखक और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो शिक्षा, टेक्नोलॉजी और ट्रेंडिंग विषयों पर सरल, उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं।लेखक इंटरनेशनल और नेशनल समाचार और संपादकीय लेखन से जुड़े रहे हैं। विभिन्न तरह के लेखन और संपादकीय का 10 साल से अधिक अनुभव है।

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4 thoughts on “सीबीएसई का नया नियम: जुलाई 2026 से कक्षा 9 में शुरू होगी तीसरी भाषा की पढ़ाई”

  1. सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज भदरसा भरतकुंड अयोध्या

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  2. CBSE द्वारा सेकेंडरी शिक्षा में

    *त्रिभाषा सूत्र*
    के अंतर्गत दो भारतीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करने का निर्णय

    🪷 *स्वागत योग्य एवं प्रशंसनीय है।* 🪷

    * अधिक भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों की सोचने, विश्लेषण करने एवं समस्या समाधान क्षमता को सशक्त बनाता है।

    * भारतीय भाषाओं का अध्ययन छात्रों को अपनी जड़ों परंपराओं और समृद्ध एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए उनमे भारतीयता के प्रति गर्व और आत्मीयता की भावना को मजबूत करता है।
    * राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप मातृभाषा एवं भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी सुदृढ़ करने दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

    * *🪷भारतीय भाषाएं – हमारी पहचान, हमारी शान🪷*

    *अनेक भाषाएं , एक भारत- समृद्ध भारत, समर्थ भारत*

    अशोक कुमार सहायक अध्यापक सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज भदरसा भरतकुंड अयोध्या यूपी

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