Khatu Shyam Rings Railway Station : रिंगस रेलवे स्टेशन पर अनोखा ‘ट्रेन कोच रेस्टोरेंट’

By: A.K. Pandey

On: 20 July 2026

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Khatu Shyam Rings Railway Station

Khatu Shyam Rings Railway Station: खाटू श्याम जी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रिंगस रेलवे स्टेशन एक खास पड़ाव होता है। खाटू श्याम मंदिर रिंगस रेलवे स्टेशन से 17 किलोमीटर की दूरी पर है और यहाँ से प्राइवेट टैक्सी या बस से आधे घंटे से 45 मिनट में आसानी से पहुंचा जा सकता है। रिंगस रेलवे जंक्शन पर ट्रेन रूकती है। रेलवे स्टेशन की बाहर की ओर रहने खाने के लिए होटल है और रेस्टोरेंट है।

रिंगस रेलवे स्टेशन के पास ही ट्रेन कोच रेस्टोरेंट है जो अपने आप ही बहुत अद्भुत है। यहां पर कुछ समय रुक कर भोजन नाश्ता का आनंद उठाकर अपनी यात्रा खाटू श्याम की शुरू कर सकती है।
खाटू श्याम मंदिर 12 महीने खुले रहते हैं विशेष से पूजा अर्चना होती रहती है। फागुन महीना विशेष पर्व का होता है। इस समय श्रद्धालुओं की बहुत बड़ी भीड़ होती है। श्रद्धालु रिंगस रेलवे स्टेशन से 17 किलोमीटर दूरी स्थित खाटू श्याम तक मनौती पूररी करने के लिए पैदल यात्रा करते हैं।

खाटू श्याम रिंगस रेलवे स्टेशन पर अनोखा रेलवे कोच रेस्टोरेंट
अब एक नई आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां रेलवे के पुराने कोच को पूरी तरह रेस्टोरेंट में तब्दील कर दिया गया है, जो यात्रियों को ट्रेन की यादों के साथ स्वादिष्ट भोजन का अनोखा अनुभव करा रहा है।

ट्रेन जैसा माहौल, अनोखा आकर्षण

रिंगस रेलवे स्टेशन पर खड़ा नारंगी रंग का यह रेलवे कोच दूर से ही यात्रियों का ध्यान खींचता है। बाहर से देखने पर यह एक असली ट्रेन कोच प्रतीत होता है, जबकि अंदर प्रवेश करते ही यात्री खुद को ट्रेन की यात्रा पर महसूस करते हैं।
लकड़ी की सुंदर पैनलिंग, आरामदायक नीली रंग की बॉक्स सीटें, बड़ी-बड़ी खिड़कियां और छत पर लटकते रंग-बिरंगे फूलों के झुमके व दीपक इस रेस्टोरेंट को बेहद आकर्षक बनाते हैं।
एयर कंडीशनर की ठंडी हवा और प्राकृतिक रोशनी यात्रा की थकान को तुरंत दूर कर देती है।

खाटू श्याम यात्रियों के लिए वरदान

खाटू श्याम मंदिर से मात्र 17 किलोमीटर पहले स्थित रिंगस रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकती है। यहां उतरने वाले हजारों श्रद्धालु अब इस कोच रेस्टोरेंट में भोजन कर अपनी यात्रा को और सुविधाजनक बना रहे हैं। परिवार, बच्चों और बुजुर्गों के साथ आराम से बैठकर भोजन करने की व्यवस्था होने के कारण यह जगह तेजी से लोकप्रिय हो रही है। साथी आपको बता दे कि रिंगस रेलवे स्टेशन के बाहर की ओर खाने के लिए व्यवस्था के लिए कई तरह के रेस्टोरेंट और ढाबे हैं

स्वादिष्ट मेन्यू और ताज़ा भोजन

रेस्टोरेंट में राजस्थानी व उत्तर भारतीय व्यंजनों का परोसे जाते हैं। गर्मागर्म आलू, पनीर, गोभी, प्याज पराठे, विभिन्न प्रकार के पुलाव, रायता, सलाद, चाट, फ्रेश चाय-कॉफी और स्नैक्स यहां के मेन मीन्यू हैं। साफ-सुथरे बर्तनों में ताज़ा भोजन और मुस्कुराते स्टाफ की तेज सेवा यात्रियों को याद रह जाती है।

नॉस्टैल्जिया का अनोखा संगम

यह रेस्टोरेंट केवल खाने की जगह नहीं बल्कि ट्रेन नॉस्टैल्जिया का जीवंत उदाहरण है। जो लोग बचपन की ट्रेन यात्राओं को याद करते हैं, उन्हें यहां बैठकर पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। रेलवे कोच को इस अनोखे तरीके से रेस्टोरेंट में बदलने का विचार सराहनीय है और यह पर्यटन व धार्मिक यात्रा दोनों को बढ़ावा दे रहा है।

खाटू श्याम यात्रा का अनिवार्य पड़ाव

खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों के बीच अब यह कोच रेस्टोरेंट एक अनिवार्य पड़ाव बन चुका है। रिंगस स्टेशन पर ट्रेन से उतरते ही श्रद्धालु यहां रुककर तरोताजा हो जाते हैं और आगे की यात्रा के लिए नई ऊर्जा के साथ रवाना होते हैं।
यह अनोखा रेलवे कोच रेस्टोरेंट साबित करता है कि पुरानी चीजों को नई शैली में ढालकर भी पर्यटन और सेवा का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है। खाटू श्याम की राह पर निकलने वाले हर यात्री के लिए रिंगस का यह कोच रेस्टोरेंट अब एक यादगार ठहराव बन गया है।

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लेखक इंटरनेशनल और नेशनल समाचार और संपादकीय लेखन से जुड़े रहे हैं। विभिन्न तरह के लेखन और संपादकीय का 10 साल से अधिक अनुभव है.

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