कलयुग में अजर-अमर हनुमान जी भक्तों की हर सच्ची इच्छा पूरी करते हैं। उनकी अटूट भक्ति और विश्वास से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।
जेठ महीने का मंगलवार विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस बार 2026 में अधिक मास के कारण पूरे साल आठ बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं। जेठ मास के इन मंगलवारों पर हनुमान जी की उपासना का अपना ही एक अलग महत्व है।
2026 में जेठ मास के बड़े मंगलवार की तिथियां
- 12 मई
- 19 मई
- 26 मई
- 2 जून
- 9 जून
- 16 जून
- 23 जून
- 30 जून
इन दिनों व्रत रखकर पूजन-अर्चना करने से असीम लाभ प्राप्त होते हैं।
जेठ मास के मंगलवार को बुढ़वा मंगल क्यों कहा जाता है?
जेठ मास के मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल कहा जाता है। पूरे वर्ष मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है, लेकिन जेठ मास का मंगलवार और भी खास हो जाता है।
कथा के अनुसार, हनुमान जी की भगवान श्री राम से पहली मुलाकात जेठ मास में ही हुई थी। उस समय वे पुरोहित के वेश में थे। उन्होंने तुरंत अपने आराध्य को पहचान लिया और उनकी आँखों में आँसू छलक आए। मान्यता है कि इसी मास के मंगलवार को हनुमान जी को अजर-अमर होने का वरदान प्राप्त हुआ था।इसके बाद वे सीता माता की खोज में राम की सहायता के लिए सुग्रीव के साथ दक्षिण दिशा की ओर सेना सहित गए।
भीम और हनुमान जी की प्रसिद्ध कथा
महाभारत काल में भीम अपनी शक्ति के घमंड में चूर थे। एक बार जंगल में भ्रमण करते हुए उन्हें रास्ता अवरुद्ध मिला। वहाँ एक बूढ़ा वानर अपनी पूँछ फैलाए लेटा था। भीम ने घमंड में कहा, “हे वानर! अपनी पूँछ हटा दो।”
वानर ने विनम्रता से कहा, “मैं बहुत बूढ़ा हो गया हूँ, खुद नहीं हटा सकता। आप ही मेरी पूँछ एक तरफ कर दीजिए।”
भीम ने पूरी शक्ति लगा दी, लेकिन पूँछ को एक इंच भी नहीं हिला सके। तब उन्हें एहसास हुआ कि यह कोई साधारण वानर नहीं है। उन्होंने तुरंत हनुमान जी को पहचान लिया और क्षमा याचना की।
हनुमान जी ने इसी दिन भीम का घमंड चूर किया, इसलिए इस मंगलवार को बुढ़वा मंगल कहा जाता है।
जेठ के बुढ़वा मंगलवार पर पूजा के लाभ
जेठ मास के इन आठों मंगलवारों में आप पूजा कर सकते हैं। इस दिन व्रत रखकर हनुमान जी की आराधना करने से:
- नकारात्मक शक्तियों और भय से मुक्ति
- शारीरिक और मानसिक शक्ति में वृद्धि
- बुद्धि, साहस, बल और भक्ति का विकास
- दुश्मनों से सुरक्षा
- बीमारियों से रक्षा
- मंगल ग्रह के दोषों का निवारण
- सभी कार्यों में सफलता
- ब्रह्मचर्य, अनुशासन और संयम की वृद्धि
हनुमान जी संकट मोचन हैं। वे राम भक्तों पर विशेष कृपा रखते हैं।
बुढ़वा मंगलवार की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र को लाल या पीले कपड़े पर स्थापित करें।
- सिंदूर, चंदन, लड्डू, केला, फूल चढ़ाएं।
- हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या हनुमान अष्टक का पाठ करें।
- पूरे भक्ति भाव से आरती करें।
- प्रसाद बांटें और गरीबों को दान दें।
हनुमान जी की सच्ची भक्ति से जीवन में कभी अंधेरा नहीं रहता। उनकी कृपा पाने के लिए जेठ के इन विशेष मंगलवारों का लाभ अवश्य उठाएं।







