Khelo India Registration : वर्ष 2017 से ही भारत सरकार युवाओं में खेल को बढ़ावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया’ योजना चला रही है, जिसका लाभ करोड़ों युवा उठा रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह योजना वर्ष 2017 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई थी। भारत सरकार ने 2026-27 के बजट में भी खेलो इंडिया के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की है। अगर आपके बच्चे खेलों में रुचि रखते हैं, तो वे इस योजना के तहत लाभ उठा सकते हैं। इसमें बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण सुविधा, प्रतियोगिताएं और आर्थिक सहायता मिलती है।
खेलो इंडिया योजना के जरिए सरकार चाहती है कि बच्चे खेल में अपना करियर बनाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें। इसी उद्देश्य से इस योजना को लॉन्च किया गया है। स्कूल से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक की राह खेलो इंडिया योजना से आसान हो रही है।
खेलो इंडिया स्कीम का उद्देश्य
हर योजना का अपना एक उद्देश्य होता है। भारत में खेलों को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान बनाने के लिए ही खेलो इंडिया स्कीम को लाया गया है।
शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल बहुत जरूरी होते हैं। स्कूल की कक्षाओं से खेल का एक पीरियड शुरू होता है और इस तरह स्कूली प्रतियोगिताओं से होते हुए बच्चे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुँच सकते हैं। दुनिया भर के देशों में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी बड़ा महत्व दिया जाता है; इसी तर्ज पर भारत में भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह योजना सामने आई है।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को संतुलित करना, उनमें अनुशासन, टीम भावना और जोखिम लेने की क्षमता का विकास करना है। दरअसल, खेल एक ऐसा माध्यम है जिससे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं। पुलिस, सेना और साहसिक (adventure) क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए खेल का बहुत बड़ा महत्व है।
खेल के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को विकसित करना और महिलाओं, विकलांगों, ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों में खेल की भावना का विकास करना बहुत जरूरी है। दरअसल, हमारी आधी से ज्यादा आबादी अभी खेलों के आधुनिकीकरण से नहीं जुड़ पाई है। इसीलिए खेलो इंडिया कार्यक्रम भारत में बहुत तेजी से विस्तार कर रहा है।
खेलो इंडिया की प्रमुख योजनाएं क्या हैं?
खेलो इंडिया यूथ गेम्स: इस योजना के अंतर्गत ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ का आयोजन हर साल अंडर-17 और अंडर-21 वर्ग के लिए किया जाता है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं उभरकर सामने आती हैं।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स: कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर के खिलाड़ियों के लिए इसका आयोजन किया जाता है।
खेलो इंडिया स्कूल गेम्स: वर्ष 2025 और 2026 में इस पर विशेष फोकस किया गया है। यह जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों का आयोजन करता है। इसके साथ ही खेल कौशल को सिखाने के लिए प्रशिक्षण सत्रों का भी आयोजन किया जाता है।
जिला स्तरीय ट्रेनिंग सेंटर में बच्चों का दाखिला कैसे कराएं?
यदि आपका बच्चा खेल में रुचि रखता है, तो आप उसका दाखिला जिला स्तर पर स्थापित खेलो इंडिया सेंटर्स (KICs) में करा सकते हैं। इसके अलावा, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए बच्चों को खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (KISCE) में भी भेजा जा सकता है।
खेलो इंडिया राइजिंग टैलेंट (KIRTI)
9 से 18 वर्ष के स्कूली बच्चों के टैलेंट को खोजने के लिए इस टैलेंट सर्च स्कीम के अंतर्गत हर साल ‘खेलो इंडिया राइजिंग टैलेंट’ का आयोजन होता है। इसके साथ ही बीच गेम्स, विंटर गेम्स और ट्राइबल गेम्स जैसे विशेष आयोजनों का भी प्रबंध किया जाता है। ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन जनजातीय बच्चों की प्रतिभा को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिलाने का सबसे बेहतर माध्यम बन गया है।
खेलो इंडिया केंद्र (Khelo India Centres)
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूरे भारत में 1000 से अधिक खेलो इंडिया सेंटर्स की स्थापना हो चुकी है। यहाँ पर आप अपने बच्चों का दाखिला करा सकते हैं, जहाँ हजारों एथलीटों को मुफ्त कोचिंग, मुफ्त खेल सामग्री, मुफ्त आवास और ट्रेनिंग दी जा रही है। राज्य स्तर पर भी ये ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं, जहाँ एथलीटों को वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग आदि खेलों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
Khelo India के अंतर्गत विशेष केंद्र
खेलो इंडिया के तहत ग्वालियर और गाजियाबाद में पहले से ही कई खेल केंद्र बनाए गए हैं, और अब इनमें नए केंद्र भी जोड़े जा रहे हैं।
इसके अलावा खेलो इंडिया पैरा गेम्स, बीच गेम्स और वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल भी मनाए जा रहे हैं। वर्ष 2026 का यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ में आयोजित हुआ था, जिसमें कर्नाटक राज्य पहले स्थान पर रहा। इसके साथ ही महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
बच्चों को खेलो इंडिया स्कीम से लाभ (मुफ्त प्रशिक्षण)
खेलो इंडिया स्कीम के जरिए राज्य और स्कूल स्तर पर मुफ्त प्रशिक्षण और कोचिंग दी जाती है। इसके साथ ही आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। चुने गए खेलो इंडिया एथलीटों को 8 साल तक हर साल ₹6.28 लाख की सहायता मिलती है, जिसमें ₹1.2 लाख का पॉकेट अलाउंस (जेब खर्च) शामिल होता है।
इसमें ट्रेनिंग, डाइट, खेल उपकरण और मेडिकल का सारा खर्च सरकार द्वारा उठाया जाता है। प्रतियोगिताओं में भाग लेने और पदक विजेताओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा सभी सुविधाएं दी जाती हैं। इसके अलावा महिलाओं, दिव्यांगों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है।
खेलो इंडिया में शामिल प्रमुख खेल
इसमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, फुटबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी, जूडो, खो-खो, शूटिंग, स्विमिंग, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती और तीरंदाजी जैसे तमाम खेल शामिल हैं। इसके अलावा 20 अन्य स्पोर्ट्स भी हैं, जिनमें बच्चे भाग ले सकते हैं और ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं।
खेलो इंडिया स्कीम के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन और आवेदन कैसे करें?
- रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा: kheloindia.gov.in
- नेशनल स्पोर्ट्स रिपोजिटरी सिस्टम (NSRS): इसके डैशबोर्ड पर जाकर एथलीट, कोच या अकादमी के रूप में रजिस्टर करें और आवेदन करें।
- स्कूल/कोच के माध्यम से: आप अपने स्कूल या कोच के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।
- जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स।
- चयन प्रक्रिया: KIRTI या टैलेंट सर्च प्रोग्राम के तहत सिलेक्शन ट्रायल (परीक्षण) होते हैं।
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