Ai युग में करियर की नई सच्चाई: हर 20-30 साल में करियर के मायने बदलते चले जाते हैं। जैसे-जैसे डिजिटल युग की तरफ दुनिया कदम रखने लगा, उसके बाद करियर की संभावनाएं भी बदलती चली गई लेकिन एक ऐसा मोड़ आया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चुनौती बनकर खड़ा हो गया। दरअसल आने वाले समय में उन जॉब में कोई भी करियर की संभावना नहीं रही है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आसानी से कापी कर सकता है।
AI युग में करियर की सबसे बड़ी सच्चाई है कि केवल डिग्री चक्कर में पड़े और कौशल नहीं अपनाया तो एक समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपकी नौकरी को खा सकता है।
दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन नौकरियों को कॉपी करता है जिन्हें डिजिटल या डेटाबेस या नॉलेज समझा जाता है- जैसे कंटेंट राइटिंग, नॉलेज सॉफ्टवेयर स्किल जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनी दखलअंदाजी शुरू कर दिया है। ऐसे जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनी दखलअंदाजी शुरू कर दिया है।
AI खासतौर पर उन कामों को तेजी से अपना रहा है जो ज्ञान-आधारित (knowledge-based), डेटा-ड्रिवन या डिजिटल हैं।
उदाहरण के तौर पर:
- कंटेंट राइटिंग
- बेसिक कोडिंग
- डेटा एनालिसिस
- ग्राफिक डिजाइन (बेसिक स्तर)
- कस्टमर सपोर्ट
- सॉफ्टवेयर टेस्टिंग (routine tasks)
- ये सभी क्षेत्र AI की पहुंच में आ चुके हैं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) दे रहे हैं युवाओं को सलाह
इसी बात को ध्यान में रखकर भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने हाल ही में युवाओं को एक सही सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक पढ़ाई सिर्फ डिग्री हासिल करने का साधन भरा होता है या फिर कुछ लोग यूपीएससी की तैयारी करते हैं जिसमें रोजगार की गारंटी नहीं होती है। अब जमाना बदल चुका है, उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर साइंस और MBA का दौर दिया पुराना हो चुका है। उनका साफ कहना है कि अब ऐसे वोकेशनल ट्रेड्स और सॉफ्ट स्किल का जमाना है जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आसानी से नकल नहीं कर सकता है।
वोकेशनल कोर्स करियर का जमाना
भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि आने वाले समय में सॉफ्ट स्किल और वेकेशनल ट्रेड्स करियर युवाओं के लिए बेहतर साबित होने वाला है।
दरअसल मैं आपको बता दूं कि इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जी कैरियर को नकल कर ले रहा है वह करियर आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण समाप्त हो सकता है लेकिन वेबसाइट वोकेशनल ट्रेड्स और सॉफ्ट स्किल वाले करियर सदाबहार बने रहेंगे इसमें भविष्य बनाना युवाओं के लिए बेहतर साबित होगा।
प्लंबिंग, वेल्डिंग, बिजली के काम, बढ़ईगिरी, शेफ का काम, काउंसलिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ रहे हैं। इन क्षेत्रों में करियर की असीम संभावना है छिपी हुई है और यह सुरक्षित करियर के रूप में सामने आ रहा है।
किसी परीक्षा की तैयारी करने में वर्षों समय लगने से अच्छा है ओरिएंटल जॉब करियर मैं करियर काउंसलिंग के रूप में आपको या सलाह देना चाहता हूं कि आज की युवा अक्सर कोचिंग संस्थानों में कई साल तैयारी करने में ही बिता देते लेकिन नौकरी नहीं मिलती है।
भारत के आर्थिक सलाहकार ने यह बात सही कही है कि नए ओरिएंटल जॉब करियर की और युवाओं का रुझान होना चाहिए।
व्यावसायिक कौशल को भारत में छोटा कैरियर समझाना गलत
अगर हम बात करें स्विट्जरलैंड जर्मनी जापान चीन जैसे देशों में तो यहां व्यावसायिक कौशल को बहुत सम्मान दिया जाता है। विडंबना यह है कि भारत जैसे देश में प्लंबरिंग, मैकेनिक, बढई, खाना बनाने वाले शेफ के काम को छोटा समझ जाता है। जबकि इन क्षेत्रों में करियर की अच्छी संभावना बहुत अच्छी है। करियर के इन क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नेगेटिव प्रभाव कभी नहीं पड़ेगा दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन कर को सही ढंग से नहीं कर सकता है। इसलिए व्यावसायिक कौशल वाले करियर बेहतर साबित हो रहा है।
आज के युवाओं को अपने रोजगार क्षमता को सेहत से जोड़ना भी बहुत जरूरी है युवाओं को स्वस्थ रहना जरूरी है तभी देश की समृद्धि हो सकती है इसलिए अपने करियर में उन रास्तों को चुनना चाहिए जो उनके लिए आसान और करियर के लिहाज से सफलता दिला सके ऐसे कठिन रास्तों पर चलना ठीक नहीं है जिसमें आने वाले समय में बेरोजगारी का सामना करना पड़े जैसे सरकारी नौकरी की लंबे समय तक तैयारी करना या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण जाने वाले जॉब पर ही केवल ध्यान देना। दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन करियर ऑप्शन की बिल्कुल कॉपी कर सकता है, जो डिजिटल या आर्टिफिशियल नॉलेज पर आधारित होते हैं।
AI के कारण कौन-सी नौकरियां लगभग खत्म होने वाली हैं?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से एक ऐसा कंप्यूटर सोच है जो की बहुत तेजी से कोई भी डाटा को प्रोसेसिंग कर सकता है। लो लेवल कंटेंट राइटिंग, डाटा प्रोसेसिंग, प्रोग्रामिंग, नॉलेज रिसर्च जैसे काम को बहुत स्पीड से और हंड्रेड परसेंट एक्यूरेसी के साथ कर लेता है। इन क्षेत्रों की साधारण नौकरियों की डिमांड कम होने जा रही क्योंकि इस AI आसानी से कर सकता है।
AI तेजी से उन कामों को बदल रहा है जो दोहराव वाले, नियम-आधारित या डेटा-प्रोसेसिंग पर आधारित हैं।
उच्च जोखिम वाली नौकरियां:
- डेटा एंट्री, बेसिक अकाउंटिंग और बुककीपिंग
- कस्टमर सर्विस और कॉल सेंटर एजेंट्स
- बेसिक कोडिंग, रूटीन कंटेंट राइटिंग और ट्रांसलेशन
- एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट और रूटीन सेल्स/मार्केटिंग टास्क्स
- मिड-लेवल एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग
- ये जॉब्स पूरी तरह गायब नहीं होंगी, लेकिन संख्या काफी कम हो जाएगी।
भविष्य की मजबूत नौकरियां जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ नहीं बिगाड़ सकता
यहां पर हम ऐसी नौकरियां के बारे में बता रहे हैं जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुंच पूरी तरह नहीं पहुंच सकती है दरअसल यह मनुष्य ही पूरा कर सकते हैं। यह भविष्य की सुरक्षित जॉब की तरह है।
उच्च संभावना वाले जॉब करियर ऑप्शन जिसमें आपका करियर बेहतरीन बन सकता है-
उच्च संभावना वाली नौकरियां:
- व्यावसायिक ट्रेड्स: प्लंबर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, बढ़ई, मशीन ऑपरेटर
- हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री: शेफ, होटल मैनेजमेंट, एल्डर केयर
- हेल्थकेयर और काउंसलिंग: नर्सिंग, थेरेपी, करियर/मेंटल हेल्थ काउंसलिंग
- ग्रीन एनर्जी, कंस्ट्रक्शन और केयर इकोनॉमी
व्यावहारिक कोर्स सुझाव (6-24 महीने के)
- व्यावसायिक ट्रेड्स के लिए:
ITI कोर्सेज (Industrial Training Institute): Electrician, Plumbing, Welding, Carpentry/Fitter – 1-2 साल, बहुत कम फीस, सरकारी और निजी दोनों उपलब्ध। NSQF सर्टिफाइड।
Polytechnic Diploma: Diploma in Electrical Engineering, Mechanical Engineering या Civil Engineering (3 वर्ष)।
Skill India / PMKVY कोर्स: NSDC के तहत फ्री/सस्ते शॉर्ट-टर्म कोर्स – Plumber, Welder, Solar Technician आदि। - हॉस्पिटैलिटी और शेफ के लिए:
Diploma in Hotel Management & Catering Technology (1-3 वर्ष) – IHMs (Institute of Hotel Management) में।
Certificate Course in Culinary Arts / Bakery & Confectionery – 6-12 महीने (IL&FS Skill Development या private institutes जैसे Oberoi Centre of Learning)।
Food Production / F&B Service शॉर्ट कोर्स – NSDC या State Skill Missions के तहत। - हेल्थकेयर और काउंसलिंग के लिए:
Auxiliary Nurse Midwife (ANM) / General Nursing & Midwifery (GNM) – 2 वर्ष।
Certificate/Diploma in Counselling Psychology – IGNOU, Symbiosis या online platforms (6-12 महीने)।
Geriatric Care / Elder Care Assistant – बढ़ती डिमांड वाला कोर्स। - AI-रेजिस्टेंट हाइब्रिड स्किल्स:
Solar PV Installation Technician (Skill India)
EV Repair & Maintenance (इलेक्ट्रिक वाहन कोर्स)
AI Tool Mastery + Domain Skill (जैसे AI for Healthcare, AI for Education) – Coursera / Udemy के शॉर्ट सर्टिफिकेट + वोकेशनल ट्रेनिंग।
ये कोर्सेस ज्यादातर 6 महीने से 3 साल तक के हैं, प्लेसमेंट सपोर्ट के साथ आते हैं और अच्छी कमाई (₹25,000 से ₹80,000+ प्रति माह) शुरू करने में मदद करते हैं।
युवाओं के लिए मेरी सलाह
अगर आप करियर को लेकर परेशान है तो आपको सबसे पहले ध्यान देना होगा की डिग्री से ज्यादा महत्वपूर्ण स्किल का होता है।
दूसरी बात आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई व्यवसाय के लिए खतरा है। इस लेख में मैंने आपको पूरी बात बताई है इसके साथ ही आपको मैं बताना चाहता हूं कि डिग्री के अलावा वोकेशनल कोर्स करने वाले की करियर बेहतर होने वाला है क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन पर काम नहीं कर पता है इसलिए डिग्री के साथ आईटीआई पॉलिटेक्निक या सर्टिफाइड वोकेशनल कोर्स जरूर करें।
इसके साथ ही आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी जाने और इसकी पढ़ाई जरूर करें क्योंकि आने वाले वक्त में यह आपका साथी बन सकता है। आपका सहायक के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपके काम को बहुत आसान बना सकता है लेकिन आप वोकेशनल कोर्स किए रहेंगे तो आप अपने काम में महारत हासिल करके बेहतर काम कर सकते हैं यहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपके काम को छीन नहीं सकता है दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आप सहायता लेकर अपने काम को बेहतर बना सकते हैं।
स्वास्थ्य पहले रखें
युवा वर्ग अपने शारीरिक फिटनेस और मानसिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान रखें क्योंकि संतुलित शारीरिक और मानसिक विकास ही उनके करियर का सबसे बड़ा आधार बन सकता है।
अपने करियर के प्रति मानसिकता बदले
आज का दूर ट्रेड स्केल पर गर्व करने का समय है। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वररन का अभी यह स्पष्ट कहना है- भारत को बेरोजगारी और
अन-एम्प्लॉयेबिलिटी दोनों को हल करना होगा। युवा पीढ़ी अगर अब से वोकेशनल स्किल्स और AI-रेजिस्टेंट स्किल्स पर फोकस करना चाहिए। व्यक्तिगत सफलता के साथ देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
समय आ गया है कि हम शिक्षा प्रणाली और समाज दोनों में बदलाव लाएं। डिग्री नहीं, कौशल ही भविष्य की कुंजी है।







